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भारतीय बिताते है रोजाना 5 घंटे फ़ोन में। जानिए कहा है ज्यादा रुझान।

मोबाइल एनालिटिक्स कम्पनी App Annie के ताजा रिपोर्ट के अनुसार, एक आम भारतीय रोजाना करीब 5 घंटे फ़ोन का इस्तेमाल करता है। जो २०२० के पहले quarter तक 4 घंटे का था। जैसा की विदित है की कोरोना काल के दौरान मोबाइल इस्तेमाल में काफी वृद्धि देखने को मिली है। लगभग सभी कार्यो के लिए अब इंटरनेट की मदद ली जा रही है। वही वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेज होने से भी मोबाइल इस्तेमाल में बढ़ोतरी देखीं गयी है।

कौन से क्षेत्रों में है फ़ोन का ज्यादा इस्तेमाल –

रिपोर्ट के अनुसार, 2021 के जुलाई – सितम्बर के बीच औसतन हर भारतीय के मोबाइल एप्लीकेशन इस्तेमाल में २० प्रतिशत की वृद्धि आयी है। जिस वजह से भारत विश्व में मोबाइल उपयोग में नंबर 1 स्थान में है।

मोबाइल गेम –

कोरोना काल के दौरान एक और जहाँ क्रिकेट, फुटबॉल जैसे आउटडोर गेम्स खेलना मुश्किल था। जिस वजह से यूजर्स का ऑनलाइन गेम्स के प्रति रुझान बढ़ता दिखाई दिया। जिसके फलस्वरूप मोबाइल गेम डाउनलोड्स में भारतीयों ने दबदबा बरकरार रखा। रिपोर्ट की माने तो, Android और iOS दोनों के उपयोगकर्ताओं को मिलाकर 2021 के शुरुवाती ६ महीने में करीबन 480 करोड़ गेम्स डाउनलोड किये गए।

जहाँ एक तरफ गेमिंग की दुनिया अभी भी भारत का कम ही योगदान रहा है। वही इस दौरान सबसे ज्यादा खेला जाने वाला गेम “Ludo किंग” स्वदेशी था। जिसे भारत की कंपनी Gametion Technologies ने बनाया है। हालाँकि अभी भी सबसे ज्यादा खेले जाने वाले टॉप 1000 गेम्स में भारत के योगदान सिर्फ 7.6 प्रतिशत ही है। वही चीन ६० प्रतिशत के साथ इस तालिका के शीर्ष पर है।

सोशल नेटवर्किंग और वीडियो स्ट्रीमिंग –

सोशल मीडिया जैसे – फेसबुक, इंस्टाग्राम, टवीटर जैसे बहुचर्चित ऍप्लिकेशन्स के साथ यूट्यूब सबसे ज्यादा देखा जाने वाला वीडियो प्लेटफॉर्म है। वही टिकटोक जैसे चीनी apps पर रोक के बाद देशी शार्ट वीडियो प्लेटफॉर्म में काफी तेजी देखीं गयी है जिसमे चिंगारी और मित्रों जैसे एप्लीकेशन शामिल है।

Shopping and food:

इंटरनेट की मदद से खरीदारी का प्रचलन किरानो की दुकान से हटकर ऐमज़ॉन, फ्लिपकार्ट और मंत्रा जैसे ऑनलाइन रिटेल की तरफ बड़ा है। होम डिलीवरी, कैश ओन डिलीवरी जैसे विशेषताएं भी इसमें वृद्धि का मुख्य कारण है। ऑनलाइन शॉपिंग से direct-to-consumer (DTC) मॉडल में काफी वृद्धि देखने को मिली है। आपको बता दे, DTC मॉडल से कंपनियां सीधे कंस्यूमर्स से जुड़ पाती है। जिससे उपभोक्ताओं को लॉयल्टी प्रोग्राम, स्पेशल डिस्काउंट और प्रोमशंस जैसे फायदे मिलते है।

वही जोमाटो, स्विग्गी और बिगबास्केट जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म खाना और साग – सब्जी भी घर घर पंहुचा रहे है। जिससे छोटे दुकानदारों को काफी फायदा मिल रहा है। साथ ही रोजगार जैसे डिलीवरी बॉय, पैकेजिंग एंड होम सर्विसेज में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

ई-पेमेंट (e-payment) –

डिजिटल पेमेंट्स का चलन वैसे तो कोरोना काल से पहले ही हो गया था। परन्तु इसमें भी तेजी 2021 के शुरुवाती महीनो से ज्यादा दिखाई दी है। जिसकी वजह से आज छोटे से चाय के टपरी में भी ई-पेमेंट (e-payment) की सुविधा दिखाई देती है। आपको बता दे की डिजिटल पेमेंट के लिए UPI (Unified Payments Interface) का इस्तेमाल होता है। जिससे किसी भी वक़्त एक अकाउंट से दूसरे में फंड ट्रांसफर सरलता से किया जाता है।

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